अनुसंधान केंद्र, रांची

अनुसंधान केंद्र, रांची

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तत्‍वावधान में जनजातीय उप-योजना के अंतर्गत बागवानी और कृषि-वानिकी अनुसंधान कार्यक्रम (पूर्ववर्ती केंद्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र) का 8 मई, 1979 को गठन किया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना का यह एक अनुसंधान केंद्र है। इस प्रभाग को निम्‍नलिखित उद्देश्‍यों के साथ प्रारंभ किया गया-  

  • पूर्वी क्षेत्र में विभिन्‍न कृषि-जलवायु क्षेत्रों के लिए उपयुक्‍त बागवानी और कृषि-वानिकी के विकास हेतु अनुसंधान, प्रसार और परियोजना नियोजन पर अनुसंधान का संचालन।
  • वर्षा जल संचयन पर प्रौद्योगिकी का विकास और बागवानी तथा कृषि-वानिकी के विकास हेतु जल का विविध उपयोग।
  • बागवानी तथा कृषि-वानिकी पर उन्‍नत उत्‍पादन प्रौद्योगिकियों को विकसित कर उनका हस्‍तांतरण करना
  • विभिन्‍न प्रकार के फलों और सब्जियों के मूल रोपण सामग्री का व्‍यापक स्‍तर पर उत्‍पादन और आपूर्ति
  • पूर्वी क्षेत्र में बागवानी और कृषि-वानिकी के विकास हेतु एक सूचना पोर्टल के रूप में कार्य करना।

अधिदेश  
कृषि वानिकी तथा बागवानी फसलों के माध्‍यम से कृषि उत्‍पादन प्रणाली की उत्‍पादकता में वृद्धि लाकर प्राकृतिक संसाधनों के कुशल एकीकृत प्रबंधन हेतु नीतिगत और अनुकूली अनुसंधान करना ।

हमारे वैज्ञानिक

क्रम सवैज्ञानिक का नामपदप्रोफाईल विवरणी
1.डॉ. अरून कुमार सिंह (बागवानी), केंद्र प्रभारी प्रमुख एवं प्रधान वैज्ञानिक
2.डॉ. रवीपाणि शंकर (सब्‍जी विज्ञान), प्रधान वैज्ञानिक
3.डॉ. बालकृष्‍ण झा (बागवानी-सब्‍जी), प्रधान वैज्ञानिक
4.डॉ. बिकास दास (फल विज्ञान), प्रधान वैज्ञानिक
5.डॉ. सुशांता कुमार नाइक (मृदा विज्ञान), प्रधान वैज्ञानिक
6.डॉ. वीरेंद्र कुमार यादव
(कृषि प्रसार), प्रधान वैज्ञानिक
7.डॉ. संतोष एस. माली (एसडब्‍ल्‍यूसीई), वरिष्‍ठ वैज्ञानिक
8.डॉ. भावना पटनेकुनी (पादप प्रजनन), वरिष्‍ठ वैज्ञानिक
9.डा अजीत कुमार झा (पादप सुरक्षा), वरिष्‍ठ वैज्ञानिक
10.डॉ. जयपाल सिंह चौधरी (कीटविज्ञान), वैज्ञानिक
11.डॉ. रेशमा शिंदे (मृदा विज्ञान), वैज्ञानिक
12.डॉ. प्रदीप कुमार सरकार (कृषि वानिकी), वैज्ञानिक
13.डॉ. महेश कुमार धाकड़ (फल विज्ञान), वैज्ञानिक